शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में 'सम्राट' एक्शन, अब SIT करेगी तफ्तीश

शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में 'सम्राट' एक्शन, अब  SIT करेगी तफ्तीश
Image Slider
Image Slider
Image Slider

बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। चित्रगुप्त नगर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में हुई इस घटना के बाद न सिर्फ छात्र समुदाय में आक्रोश है, बल्कि सरकार और पुलिस प्रशासन भी कटघरे में आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच का ऐलान किया है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन की पुष्टि की है। शुरुआती जांच में यौन शोषण से इनकार करने वाली पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट के निशानों के बाद सवालों के घेरे में है। फिलहाल, पटना आईजी जितेंद्र राणा को मामले की रोजाना निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

patna neet student death news

नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में नीतीश सरकार ने जांच को गंभीरता से लेते हुए नगर पूर्वी के पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस SIT में पुरुष और महिला डीएसपी के साथ-साथ इंस्पेक्टर रैंक के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि जांच हर स्तर पर निष्पक्ष और गहराई से हो सके। सरकार ने पटना के आईजी को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन जांच की समीक्षा करें और उसकी प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपें। सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे से बाहर जाने नहीं दिया जाएगा।

वहीं, मृतक छात्रा के परिजनों ने स्थानीय पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है और पुलिस ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की। शुरुआती जांच में पुलिस ने यौन शोषण की संभावना से इनकार किया था, लेकिन अब पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिसिया दावों पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा के शरीर पर करीब 10 स्थानों पर जख्म और खरोंच के निशान पाए गए हैं।

परिजनों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की भूमिका पर भी संदेह जताया है और मांग की है कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। इस घटना के बाद बिहार की सियासत भी गरमा गई है और विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है।

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अब जांच पूरी तरह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे मामले की दिशा में बड़ा बदलाव आया है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के शरीर पर कई गंभीर और ताजा चोटें पाई गई हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी चोटें मौत से पहले की हैं। रिपोर्ट में गर्दन और कंधे के आसपास नाखून से बने गहरे घाव दर्ज किए गए हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि छात्रा ने आखिरी सांस तक हमलावर से बचने के लिए संघर्ष किया। यही चोटें उसके दर्द, उसकी चीख और उसके साहस की मूक गवाही दे रही हैं।